RBC का जीवनकाल:-
-RBC का जीवनकाल 120 होता है। -120 दिन के बाद RBC प्लीहा में जाकर नष्ट हो जाती है इसलिए प्लीहा को RBC का कब्रिस्तान कहा जाता है।
-प्लीहा में RBC सिक्कों की भाती जम जाती है जिसे रोलेक्स फोरेमेशन कहा जाता है।
RBC का पुरा नाम:-
-RBC का पुरा नाम = Red Blood Corpuscles (लाल रक्त कणिका)
RBC की संख्या:-
-RBC की सख्या पुरुषों में 5 से 5.5 मिलियन/ घन होती है।
-RBC की सख्या महिलाओं में 4.5 से 5 मिलियन / घन होती है।
RBC का आकार:-
RBC का आकार 7.5 माइक्रोमीटर होता है।तथा यह डिस्क के आकार की होती है यह परिधि पर मोटी और बीच में कम मोटी होती है विभिन्न जन्तुओं में RBC का आकार अलग- अलग होता है
RBC का मापन:-
-RBC का मापन हिमोसाइटोमीटर यत्र द्वारा किया जाता है।
RBC का निर्माण:-
-RBC निर्माण की प्रक्रिया योक / पित्तक में आरम्भ होती है।
-भ्रुणीय अवस्था में RBC का निर्माण यकृत (liver) में होता है।
-वयस्क अवस्था में RBC का निर्माण अस्थिमज्जा ( Bone marrow), प्लीहा में होता है।
•धरातल से ऊचाई पर जाने पर वायुमंडलीय दाब के मान में कमी आती है जिसके कारण आक्सीजन की कमी आती है जिससे शरीर में RBC की सख्या बढ़ जाती है जिसे पालीसाइथिनिया कहा जाता है।
•सबसे बड़ी RBC उभयचर (मेंढक ) की होती है।
•सबसे छोटी RBC कस्तुरी मृग की होती है।
•मलेरिया रोग तथा सर्पदंश में RBC की झिल्लियाँ फट जाती है जिसके कारण RBC से हिमोग्लोबिन बाहर आ जाता है उसे हिमोलाइसीन कहा जाता है।
•RBC को Erythrocytes( इरिर्थोसाइट) भी कहते है
•RBC में केन्द्रक नहीं पाया जाता है (अपवाद- ऊँट एवं लामा नामक स्तनधारी की RBC में केन्द्रक पाया जाता है)
•स्तनधारी में RBC उभयअवतला व केन्द्रक विहीन होती है।
•उभयचर (मेढक) में RBC उभयाऊतल व केन्द्र युक्त होती है।
•RBC में हिमोग्लोबिन वर्णक पाया जाता है।
RBC की कमी से रोग:-
RBC की कमी से एनिमिया ( रक्तक्षीणता) रोग होता है-
-सामान्य एनिमिया रोग = ये लौह तत्व (Fe) की कमी से होता है।
-माइक्रोसाइटिक एनिमिया रोग = विटामिन-B6 तथा
विटामिन-B9 की कमी से होता है
-पर्निसियल एनिमिया रोग = विटामिन-B12 की कमी से होता है।
-सिकल सेल एनिमिया रोग = ये आनुवांशिक रोग है।
-थेलेसमिया एनिमिया रोग = ये आनुवांशिक रोग है।
RBC का मुख्य कार्य - शरीर की हर कोशिश में आक्सीजन पहुँँचाना एवं कार्बन डाइऑक्साइड को वापस लाना है।
हिमोग्लोबिन -
-हिमोग्लोबिन = हिमो(5%) + ग्लोबिन (95%)
-हिमोग्लोबिन में फेरस ( Fe) नामक तत्व पाया जाता है जिसके कारण RBC अथवा रुधिर का रंग लाल होता है।
-हिमोग्लोबिन ऑक्सीजन के परिवहन का कार्य करता है इसलिए इसे श्वसनीय वर्णक कहा जाता है।
-हिमोग्लोबिन का एक अणु 4 ऑक्सीजन अणुओं का परिवहन करता है।
-हिमोग्लोबिन का मापन हिमोमीटर के द्वारा किया जाता है।
-पुरुषों में हिमोग्लोबिन की मात्रा 14-16g /100ml blood
-महिलाओं में हिमोग्लोबिन की मात्रा 12-14g / 100ml blood
-हिमोग्लोबिन का क्रम = भ्रुण > बच्चा > वयस्क > बुर्जुग

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